बूथ से संगठन तक: पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग का प्रेरणादायी संदेश
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- DP Bharti Adv.
- May-26-2026
भारतीय जनता पार्टी का संगठनात्मक ढांचा उसकी सबसे बड़ी शक्ति माना जाता है। कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, वैचारिक मजबूती और बूथ स्तर तक सक्रिय भागीदारी ही संगठन को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती है। इसी उद्देश्य के साथ आयोजित “पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला प्रशिक्षण वर्ग” कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा, नई दिशा और संगठनात्मक कौशल प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
जनपद बदायूं के एम.जी. ग्रीन रिसोर्ट, बिसौली में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग के षष्टम सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता कर “बूथ प्रबंधन, राष्ट्रीय स्थाई कार्यक्रम एवं मन की बात” विषय पर अपने विचार रखने का अवसर प्राप्त हुआ। यह सत्र संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
कार्यक्रम के दौरान बूथ प्रबंधन की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। लोकतंत्र में बूथ केवल मतदान का केंद्र नहीं, बल्कि संगठन की वास्तविक ताकत का आधार होता है। मजबूत बूथ ही मजबूत संगठन की पहचान है। साथ ही राष्ट्रीय स्थाई कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक सरकार की योजनाओं और संगठन की नीतियों को पहुंचाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
“मन की बात” कार्यक्रम को जनसंवाद का प्रभावी माध्यम बताते हुए यह संदेश दिया गया कि प्रधानमंत्री के विचारों और प्रेरणादायी संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रम केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण प्रयास भी हैं।
इस गरिमामयी सत्र की अध्यक्षता आदरणीया श्रीमती अनुपम पाठक जी (चेयरमैन मुड़िया) ने की तथा संचालन आदरणीया श्रीमती रचना शंखधार जी (जिला मंत्री) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में माननीय विधायक आदरणीय श्री महेश चंद्र गुप्ता जी, जिलाध्यक्ष आदरणीय श्री राजीव गुप्ता जी, वर्ग प्रभारी आदरणीय श्री महाराज सिंह जी (मा. MLC), श्रीमती वर्षा यादव जी (मा. अध्यक्ष जिला पंचायत), श्री धर्मेंद्र शाक्य जी (नि. विधायक) सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारीगणों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
ऐसे प्रशिक्षण वर्ग केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि संगठनात्मक अनुशासन, वैचारिक स्पष्टता और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम होते हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के विचारों को आत्मसात करते हुए यह अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और विकास पहुंचाने के संकल्प को और अधिक मजबूत करता है।
भारत माता की जय।