बाबा साहब के विचारों से सशक्त होता समाज और संविधान का सम्मान
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- DP Bharti Adv.
- May-26-2026
भारत रत्न, संविधान निर्माता एवं बोधिसत्व परम पूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक न्याय का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने केवल संविधान का निर्माण ही नहीं किया, बल्कि समाज के हर वर्ग को समान अधिकार और सम्मान दिलाने का मार्ग भी प्रशस्त किया। उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा और जागरूकता का स्रोत हैं।
ग्राम गुरुगांव (बदायूं) में आयोजित बाबा साहब डॉ. आंबेडकर जी के पावन जन्मोत्सव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का अवसर अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी रहा। इस अवसर पर बाबा साहब की पावन प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर कृतज्ञ नमन किया गया तथा उनके महान योगदान को स्मरण करते हुए सभा को संबोधित किया गया।
कार्यक्रम में बाबा साहब के संघर्षपूर्ण जीवन, शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और समाज में समानता स्थापित करने के उनके अथक प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह बताया गया कि बाबा साहब का जीवन केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और आत्मसम्मान की क्रांति का प्रतीक है। उनका संदेश आज भी समाज को एकता, शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देता है।
इस गरिमामयी अवसर पर नि. माननीय विधायक आदरणीय श्री धर्मेंद्र शाक्य जी, वरिष्ठ समाजसेवी आदरणीय श्री भीमसेन सागर जी, श्री राधेलाल बौद्ध जी, श्री साहब सिंह बौद्ध जी, श्री डी.पी. सिंह जी, श्री चिरंजी लाल एडवोकेट जी, श्री ब्रह्मानंद एडवोकेट जी, श्री प्रेम कुमार जी, ग्राम प्रधान श्री रायसिंह जी एवं कार्यक्रम के आयोजक/संयोजक श्री रघुवीर सिंह लेफ्टिनेंट जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
ऐसे आयोजन केवल जन्मोत्सव तक सीमित नहीं होते, बल्कि बाबा साहब के विचारों और संविधान के प्रति सम्मान को समाज में और अधिक मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता, जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला प्रेरणादायी अवसर रहा।
बाबा साहब का जीवन हमें यह संदेश देता है कि शिक्षा, संगठन और संघर्ष के माध्यम से समाज को नई दिशा दी जा सकती है। उनके आदर्श सदैव देश और समाज को प्रेरित करते रहेंगे।
जय भीम | नमों बुद्धाय | जय संविधान | जय भारत