संघर्ष से संगठन तक: डीपी भारती की राजनीतिक यात्रा और जनसेवा का सफर
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- DP Bharti Adv.
- July-24-2026
राजनीति में कुछ नाम केवल पदों से नहीं, बल्कि अपने संघर्ष, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा से पहचाने जाते हैं। डीपी भारती एडवोकेट ऐसा ही एक नाम हैं, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक सामाजिक और राजनीतिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी यात्रा केवल एक नेता की नहीं, बल्कि एक ऐसे कार्यकर्ता की कहानी है जिसने हर दायित्व को सेवा का माध्यम माना।
बहुजन आंदोलन से नेतृत्व तक
डीपी भारती ने वर्ष 1995 से अपने सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। लगभग दो दशकों तक उन्होंने बहुजन समाज पार्टी में जिला स्तर से लेकर जोनल कोऑर्डिनेटर जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इस दौरान उन्हें भारत सरकार की दूरसंचार सलाहकार समिति तथा उत्तर प्रदेश जिला योजना समिति में सदस्य के रूप में भी नामित किया गया, जो उनके प्रशासनिक अनुभव और जनविश्वास का प्रमाण है।
समाज सेवा रही सबसे बड़ी पहचान
राजनीति के साथ-साथ डीपी भारती हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे। भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और भगवान बुद्ध के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया।
उन्होंने समय-समय पर डॉ. आंबेडकर जनमंच, जाटव समाज संघ, संविधान बचाओ संघर्ष समिति जैसे सामाजिक संगठनों की स्थापना कर समाज के मुद्दों को सड़क से लेकर प्रशासन तक मजबूती से उठाया। इसके साथ ही भारतीय बौद्ध महासभा जैसे महत्वपूर्ण संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
विचारों के आधार पर लिया बड़ा निर्णय
वर्ष 2015 में बहुजन समाज पार्टी की तत्कालीन नीतियों से असहमति के चलते डीपी भारती ने पार्टी से दूरी बनाई। उसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों के लिए चल रहे जनकल्याणकारी कार्यों तथा बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के प्रति सम्मान से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को अपनाने का निर्णय लिया।
5 जनवरी 2016 को उन्होंने भाजपा में प्रवेश किया और बाद में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तथा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में उनके भाजपा परिवार में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा हुई।
एक कार्यकर्ता की तरह शुरू किया नया सफर
भाजपा में आने के बाद डीपी भारती ने कभी अपने पुराने पदों का अहंकार नहीं दिखाया। उन्हें बदायूं जिले के बिल्सी विधानसभा क्षेत्र में मात्र छह बूथों वाले एक शक्ति केंद्र की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने पूरे समर्पण के साथ घर-घर भाजपा का झंडा और स्टिकर लगाकर यह संदेश दिया कि संगठन में हर जिम्मेदारी समान महत्व रखती है।
चुनावी सफलता में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में उन्होंने बदायूं जनपद की छह विधानसभा सीटों पर समाज के बीच व्यापक जनसंपर्क किया। संगठन के नेतृत्व और जनता के समर्थन से भाजपा ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। इसके बाद स्थानीय निकाय चुनावों में भी उन्होंने संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभाई और पार्टी को महत्वपूर्ण जीत दिलाने में योगदान दिया।
संगठन में लगातार बढ़ता विश्वास
उनकी मेहनत और संगठन क्षमता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें अनुसूचित जाति मोर्चा, ब्रज क्षेत्र का संयोजक बनाया। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और विभिन्न कार्यक्रमों के सफल संचालन में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
उनके नेतृत्व में अनुसूचित जाति मोर्चा ने लोकसभा चुनाव 2019 सहित अनेक अभियानों में प्रभावी योगदान दिया। वर्ष 2020 में उन्हें लगातार दूसरी बार प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
प्रदेश मंत्री के रूप में नई जिम्मेदारियां
वर्ष 2021 में भाजपा नेतृत्व ने डीपी भारती को उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रदेश मंत्री नियुक्त किया तथा पीलीभीत जिले का प्रभारी बनाया। उन्होंने संगठन के निर्देशानुसार जिले में व्यापक प्रवास किया और विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा की चारों विधानसभा सीटों पर ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
इसके बाद एमएलसी चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों में भी उन्होंने उल्लेखनीय संगठनात्मक कार्य किया। उनके कार्यकाल में पीलीभीत जिले में भाजपा ने नगर निकाय चुनावों में ऐतिहासिक सफलता दर्ज की।
हाथरस लोकसभा चुनाव में प्रभावी भूमिका
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में भी डीपी भारती को पुनः प्रदेश मंत्री का दायित्व सौंपा गया और हाथरस जिले का प्रभारी बनाया गया।
लोकसभा चुनाव 2024 में उन्होंने हाथरस में संगठन को मजबूत करते हुए भाजपा प्रत्याशी अनूप प्रधान बाल्मीकि की लगभग ढाई लाख मतों से ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेशभर के अनेक जिलों में संगठन के अभियानों, कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों को गति देने का कार्य किया।
राष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय भूमिका
डीपी भारती ने अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने विभिन्न राज्यों का प्रवास कर संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता और भाजपा की नीतियों को समाज तक पहुंचाने का कार्य किया।
एक नेता नहीं, आज भी स्वयं को कार्यकर्ता मानते हैं
आज डीपी भारती की पहचान एक ईमानदार, निष्ठावान, कर्मठ, साहसी, संघर्षशील और ओजस्वी वक्ता के रूप में है। संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने स्वयं को सदैव एक साधारण कार्यकर्ता माना और पार्टी की विचारधारा तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।
उनकी राजनीतिक यात्रा यह संदेश देती है कि पद से बड़ा संगठन होता है, और संगठन से बड़ा राष्ट्र। संघर्ष, सेवा और समर्पण के इसी भाव ने डीपी भारती को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।
जय भाजपा – विजय भाजपा
भारत माता की जय।