बाबा साहब की पावन अस्थि कलश के दर्शन: एक अविस्मरणीय एवं प्रेरणादायी अनुभव
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- DP Bharti Adv.
- July-06-2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा के ठीक सामने स्थित डॉ. आंबेडकर महासभा का पावन स्थल करोड़ों अनुयायियों की आस्था और प्रेरणा का केंद्र है। इसी पवित्र स्थान पर आधुनिक भारत के निर्माता, संविधान शिल्पी, विश्व रत्न, बोधिसत्व एवं परम पूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की पावन अस्थि कलश श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों के दर्शनार्थ सुसज्जित है।
आज महासभा के संस्थापक सदस्य एवं अध्यक्ष, बाबा साहब के सच्चे अनुयायी, समाज के मार्गदर्शक और कर्मठ व्यक्तित्व आदरणीय डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल जी (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति वित्त एवं विकास निगम) के सानिध्य में परम पूज्य बाबा साहब की पावन अस्थि कलश को नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह क्षण मेरे लिए अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय रहा।
इसके साथ ही डॉ. आंबेडकर महासभा में संरक्षित, तत्कालीन महामहिम राज्यपाल आदरणीय श्री राम नाईक जी द्वारा भेंट की गई बाबा साहब द्वारा रचित भारत के संविधान की मूल प्रति के दर्शन करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और समानता की भावना का जीवंत प्रतीक है।
आज बाबा साहब की पावन अस्थि कलश के समक्ष नमन कर स्वयं को धन्य और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। बाबा साहब का संघर्ष, त्याग और सामाजिक समरसता के लिए उनका योगदान सदैव हमें न्याय, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर समाज चिंतन के लिए सदैव समर्पित वरिष्ठ नेता आदरणीय श्री रामवीर भैया जी (हाथरस) एवं अन्य सम्मानित साथियों का सानिध्य भी प्राप्त हुआ।
विशेष रूप से आदरणीय डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल जी द्वारा दशकों से बाबा साहब के विचारों, संघर्षों और सामाजिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयास वास्तव में प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय हैं। बाबा साहब के प्रति उनका समर्पण समाज के लिए एक मिसाल है।
🙏 परम पूज्य बाबा साहब को शत-शत नमन।
🌸 सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प।
नमो बुद्धाय।
जय भीम।