परम पूज्य बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के पावन जन्मस्थल महू (इंदौर, मध्य प्रदेश) में स्थित स्मारक स्थल पर डी.पी. भारती जी ने श्रद्धापूर्वक दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने स्मारक के धरातल पर स्थापित बाबा साहब की पावन अस्थि कलश के समक्ष नमन कर उनके सामाजिक न्याय, समानता और संविधानिक मूल्यों के प्रति अपने सम्मान को व्यक्त किया। यह स्मारक स्थल बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और विचारधारा का जीवंत प्रतीक माना जाता है, जहां देश-विदेश से अनुयायी और सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं।
दर्शन के दौरान डी.पी. भारती जी ने स्मारक परिसर की व्यवस्थाओं और इसके ऐतिहासिक महत्व को नजदीक से देखा। उन्होंने बाबा साहब के विचारों को वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में और अधिक प्रासंगिक बताया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्मारक परिसर में स्थित स्तूप के ऊपरी तल पर बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के जीवन पर आधारित प्रेरणादायक सचित्र संदेश प्रदर्शित किए गए हैं। इन चित्रों और विवरणों के माध्यम से उनके शैक्षिक संघर्ष, सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आंदोलन, तथा भारतीय संविधान के निर्माण में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
डी.पी. भारती जी ने इन सचित्र संदेशों को ध्यानपूर्वक देखा और उन्हें नई पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उनके अनुसार, ऐसे स्मारक स्थल न केवल इतिहास को सहेजते हैं, बल्कि समाज में समानता, बंधुत्व और न्याय की भावना को मजबूत करने का कार्य भी करते हैं। यह दर्शन कार्यक्रम बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने और उन्हें जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा गया।