इस अवसर पर डी.पी. भारती जी ने कहा कि डॉ. अरुण प्रकाश की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और समर्पण का परिणाम है, बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय भी है। उन्होंने एलएलएम एवं एलएलडी जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त कर यह सिद्ध किया है कि निरंतर प्रयास और शिक्षा के प्रति समर्पण से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के संदेश को भी याद किया— “शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जो इसे पीएगा वही दहाड़ेगा।” यह उपलब्धि उसी विचारधारा को साकार करती है। डी.पी. भारती जी ने आशा व्यक्त की कि डॉ. अरुण प्रकाश अपने ज्ञान और अनुभव से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे तथा समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।